क्राइम

बूढी मां ने 20 रुपये मांगे… बेटे ने दिए 30 और रोते-रोते घर से निकला सुबह जंगल में नीम के पेड़ से लटका मिला शव

हरियाणा में मजदूरी करने वाला 18 वर्षीय युवक भूपेंद्र ने की आत्महत्या मां की आंखों के सामने आखिरी मुलाकात कारण बना रहस्य

सम्भल/धनारी। थाना धनारी क्षेत्र के गांव गढ़ा में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के पास स्थित जंगल में नीम के पेड़ से रस्सी के सहारे एक 18 वर्षीय युवक का शव लटका मिला। शव की पहचान भूपेंद्र पुत्र जमुना सिंह निवासी गढ़ा के रूप में हुई। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक भूपेंद्र हरियाणा में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का सहारा बना हुआ था। वह करीब 15 दिन पहले ही हरियाणा से अपने गांव लौटा था। परिजनों के मुताबिक गांव आने के दो दिन बाद उसके मौसा मुलायम सिंह निवासी ग्राम रोखड़ा थाना जरीफनगर जिला बदायूं का निधन हो गया था जिसके चलते भूपेंद्र अपने मौसा-मौसी के गांव शोक में गया हुआ था। सोमवार शाम करीब 5 बजे भूपेंद्र मौसी के गांव से वापस लौटा। घर पहुंचकर उसने अपना थैला और कपड़े घर में रखे और फिर बाहर चला गया। इसके बाद वह पूरी रात घर नहीं लौटा जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। रातभर आसपास तलाश की गई लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे ग्रामीणों को सूचना मिली कि गांव के पास जंगल में एक युवक नीम के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने जब शव देखा तो वह अपने बेटे और भाई भूपेंद्र का ही निकला।

मां की आखिरी यादें बनीं सवाल

मृतक की बूढ़ी मां जयमंती ने बताया कि सोमवार शाम जब बेटा घर लौटा तो उन्होंने उससे किसी काम के लिए 20 रुपये मांगे थे। बेटे ने उन्हें 30 रुपये दिए और इसके बाद अचानक रोने लगा। मां ने रोने का कारण पूछा और कहा कि अगर किसी ने कुछ कहा हो तो बताओ लेकिन भूपेंद्र ने कुछ नहीं बताया। खाना खाने को कहा तो बोला कि वह खाकर आया है। इसके बाद वह कपड़े घर में रखकर चला गया और फिर कभी लौटकर नहीं आया।

पहले ही उठा चुका था पिता का साया

परिजनों ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले भूपेंद्र के पिता जमुना सिंह की भी जंगल में मवेशी चराने के दौरान बिजली के करंट से मौत हो गई थी। भूपेंद्र चार भाइयों में से एक था और परिवार में केवल एक बूढ़ी मां ही उसका सहारा थीं।

कारण बना रहस्य परिजन कार्रवाई से इनकार

मृतक के भाई बहादुर ने बताया कि आत्महत्या के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि भूपेंद्र ने यह कदम क्यों उठाया। परिजनों ने पुलिस से किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है। युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर मजदूरी कर परिवार संभालने वाला युवक अचानक ऐसा कदम उठाने को क्यों मजबूर हो गया।

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