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कुपवाड़ा में पेट्रोलिंग के दौरान सेना की गाड़ी खाई में गिरी हादसे में संभल का लाल शहीद, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई

लगातार बारिश से फिसलन भरे पहाड़ी रास्ते पर हुआ हादसा तीन दिन बाद बहजोई पहुंचा पार्थिव शरीर; हजारों लोगों ने दी नम आंखों से विदाई

सम्भल/बहजोई। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में पेट्रोलिंग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में भारतीय सेना के सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी शहीद हो गए। पहाड़ी रास्ते पर अचानक मलबा गिरने के कारण सेना की गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में गंभीर रूप से घायल सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी ने सेना के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन दिन बाद जब उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बहजोई पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी की तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में थी। सोमवार सुबह वह अपनी बटालियन के साथ नियमित पेट्रोलिंग पर निकले थे। पिछले तीन से चार दिनों से क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिससे पहाड़ी रास्ते बेहद फिसलन भरे और खतरनाक हो गए थे।

पहाड़ से मलबा गिरने के बाद खाई में गिरी सेना की गाड़ी

पेट्रोलिंग के दौरान अचानक पहाड़ से मलबा गिरने लगा, जिससे आगे चल रही सेना की गाड़ी को अचानक ब्रेक लगाना पड़ा। इसी दौरान पीछे चल रही गाड़ी, जिसमें सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी सवार थे, संतुलन खो बैठी और सीधे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी में सवार कई जवान घायल हो गए।

अस्पताल में इलाज के दौरान शहीद

घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल जवानों को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी को बचाने के लिए डॉक्टरों ने भरसक प्रयास किए, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया और देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। हादसे की जानकारी सोमवार सुबह करीब 10 बजे फोन के माध्यम से शहीद के परिजनों को दी गई। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर फैल गई।

तीन दिन बाद गांव पहुंचा पार्थिव शरीर

शहीद सूबेदार का पार्थिव शरीर तीन दिन बाद उनके पैतृक गांव बहजोई पहुंचा। जैसे ही सेना का वाहन तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लेकर उनके घर पहुंचा, पूरा क्षेत्र उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान “वंदे मातरम्”, “इंकलाब जिंदाबाद” और “देश के वीर सपूत अमर रहें” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

इसके बाद शहीद का पार्थिव शरीर बहजोई स्थित काली मंदिर श्मशान घाट ले जाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री गुलाब देवी, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम सलामी

अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने गन सैल्यूट देकर शहीद को अंतिम सलामी दी। शहीद के बेटे ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

क्षेत्र ने अपने वीर सपूत को दी श्रद्धांजलि

देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी की शहादत को क्षेत्र के लोग हमेशा याद रखेंगे। गांव से लेकर जिले तक हर व्यक्ति अपने वीर सपूत को नम आंखों से श्रद्धांजलि देता नजर आया।

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