क्राइम

100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत संभल में चला व्यापक जागरूकता अभियान

बाल विवाह बाल श्रम बाल भिक्षावृत्ति और मानव तस्करी रोकथाम को लेकर पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई

संभल | शनिवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के निर्देशों के क्रम में जनपद संभल में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की घटनाओं को रोकना, बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति का उन्मूलन करना तथा मानव तस्करी के विरुद्ध समाज को जागरूक करना रहा। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के आदेश तथा अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अनुकृति शर्मा और क्षेत्राधिकारी बहजोई प्रदीप कुमार के निर्देशन में संचालित किया गया। अभियान में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) संभल, थाना कैलादेवी, बाल कल्याण समिति (CWC), जिला कार्यक्रम अधिकारी और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की संयुक्त भागीदारी रही।

आमजन, धर्मगुरु और प्रतिष्ठान स्वामियों को किया गया जागरूक

अभियान के दौरान आम नागरिकों, नियोजकों, प्रतिष्ठान स्वामियों और धर्मगुरुओं को एकत्र कर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम द्वारा बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति और मानव तस्करी से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम कराना अपराध है। जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि विवाह के लिए बालक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से कम उम्र में विवाह कराना या करवाना कानूनन दंडनीय अपराध है। इसके साथ ही बाल भिक्षावृत्ति और मानव तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। अभियान के अंतर्गत उपस्थित लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई। आमजन से अपील की गई कि वे सड़क पर भिक्षा देने के बजाय भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों और व्यक्तियों को पुनर्वास केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

 

कार्यक्रम में शासन और प्रशासन द्वारा जारी आपातकालीन टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 112, 1076, 181, 1090, 1098 और 108 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। नागरिकों से अपील की गई कि बाल विवाह, बाल श्रम या बाल भिक्षावृत्ति से संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल इन नंबरों पर दें। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह, बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। जनपद को बाल विवाह, बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।

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