क्राइम

संभल पुलिस की पहल बनी टूटते रिश्तों की ढाल

परिवार परामर्श केंद्र में 46 मामलों की सुनवाई 7 परिवारों का हुआ पुनर्मिलन

20 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण 7 परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त

संभल। जनपद सम्भल में कानून व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में सम्भल पुलिस लगातार सराहनीय कार्य कर रही है। इसी कड़ी में शनिवार को पुलिस अधीक्षक जनपद सम्भल कृष्ण कुमार के कुशल निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अनुकृति शर्मा एवं क्षेत्राधिकारी बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार के निर्देशानुसार पुलिस परिवार परामर्श सुलह-समझौता केंद्र की एक अहम और व्यापक बैठक पुलिस लाइन मंडी समिति, बहजोई में आयोजित की गई। बैठक का संचालन नियमित काउंसलिंग परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. रुकमपाल सिंह की देखरेख में किया गया। बैठक का उद्देश्य पति-पत्नी के बीच उत्पन्न पारिवारिक विवादों को आपसी बातचीत, समझाइश और परामर्श के माध्यम से सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाना रहा। काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और सुलह-समझौते के आधार पर समाधान निकालने का प्रयास किया गया। परिवार परामर्श केंद्र की इस बैठक में कुल 46 पत्रावलियों को सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया गया। लंबी चर्चा और परामर्श के बाद 20 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इनमें से 7 परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त कराकर उन्हें पुनः एक किया गया, जिससे कई घरों में बिखरती खुशियां फिर से लौट आईं।

जहां सुलह संभव नहीं वहां कानून का रास्ता

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी मामलों में सुलह संभव नहीं होती। ऐसे में 9 पत्रावलियों को आवेदक द्वारा पैरवी न किए जाने के कारण बंद किया गया, जबकि 3 मामलों में विधिक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और कानून के तहत उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो। इस अवसर पर काउंसलर अखिलेश अग्रवाल, लव मोहन वार्ष्णेय, संगीता भार्गव, श्वेता गुप्ता, सीमा आर्य, बबीता शर्मा, कंचन माहेश्वरी ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही कांस्टेबल शहजाद मलिक, एलएचसी रश्मि गहलोत, एलसी ज्योति सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।

समाज को मिल रहा सकारात्मक संदेश

पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से सम्भल पुलिस यह संदेश दे रही है कि कानून केवल दंड देने का माध्यम नहीं, बल्कि संवाद और समाधान का भी एक सशक्त जरिया है। रिश्तों को बचाने और परिवारों को जोड़ने की यह पहल समाज में भरोसे और सकारात्मक सोच को मजबूत कर रही है। संभल पुलिस की यह मानवीय पहल आज लीड खबर बनकर यह साबित कर रही है कि सख्ती के साथ संवेदनशीलता भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा है, जो समाज को जोड़ने का कार्य कर रही है।

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