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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर सख्त निर्देश, संस्थागत प्रसव और आयुष्मान योजना पर जोर

कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, आभा आईडी, जननी सुरक्षा योजना और कृमि मुक्ति दिवस पर हुई विस्तृत चर्चा

सम्भल बहजोई।
आज मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा पूर्व में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) की स्थिति, एचएमआईएस पोर्टल पर एएनसी जांच, प्रसव एवं टीकाकरण की प्रगति, आरसीएच फीडिंग, तथा सीएचओ द्वारा ई-संजीवनी ओपीडी की विकास खण्डवार स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव का डेटा एएनएम वार तैयार किया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि वे जमीनी स्तर पर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करें तथा सीएचओ और एएनएम को लाभार्थियों को प्रेरित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को कहा। आभा आईडी को लेकर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए डिलीवरी प्वाइंट की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में एसिड अटैक पीड़ितों को निशुल्क प्राथमिक चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज बिश्नोई ने इस संबंध में निर्धारित एसओपी की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही एनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार पर कार्य करने के निर्देश भी दिए गए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, एनटीईपी, ई-संजीवनी तथा कोल्ड चेन व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की गई। इसके अलावा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज बिश्नोई ने बताया कि 10 फरवरी से कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम प्रारंभ होगा, जबकि 13 फरवरी को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। यह दवा सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों, इंटर कॉलेजों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाएगी। उन्होंने दवा की खुराक, खिलाने की विधि तथा विभिन्न विभागों की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में भी जानकारी दी और जनपद के निर्धारित लक्ष्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

बैठक में मदर मिल्क बैंकिंग को लेकर भी संबंधित अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया और इसके संचालन से जुड़ी जानकारियां साझा की गईं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज बिश्नोई, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा, समस्त एमओआईसी सहित स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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