बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत आत्मरक्षा प्रशिक्षण से सशक्त हो रहीं बालिकाएं
बहजोई और राजपुरा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं ने सीखी आत्मरक्षा की तकनीकें सरकारी योजनाओं की भी दी गई जानकारी

सम्भल। शनिवार जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जनपद सम्भल में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बहजोई तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय राजपुरा की छात्राओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है, ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा करने में सक्षम हो सकें।

फ्रंट किक और फेस पंच जैसी तकनीकों का अभ्यास
प्रशिक्षक सुरेश कुमार एवं सृष्टि द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र में फ्रंट किक, बेसिक किक, फेस पंच सहित कई महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि सभी छात्राएं मार्शल आर्ट सीखने में अत्यधिक रुचि दिखा रही हैं और प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में भाग ले रही हैं। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से बालिकाओं का आत्मबल मजबूत होगा और वे हर परिस्थिति का डटकर सामना कर सकेंगी।

सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी
जिला प्रोबेशन अधिकारी चन्द्र भूषण ने बताया कि जिले के जूनियर हाई स्कूलों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत यह प्रशिक्षण निरंतर चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को महिलाओं और बालिकाओं के हित में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इन योजनाओं की जानकारी से पात्र बालिकाएं और महिलाएं समय पर आवेदन कर लाभ उठा सकेंगी।
सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम
प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद छात्राओं में आत्मविश्वास और जागरूकता स्पष्ट रूप से देखी गई। बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लिया और भविष्य में भी इसे जारी रखने की इच्छा जताई। जनपद सम्भल में चलाया जा रहा यह अभियान बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।




