सम्भल में बेटियों को मिला आत्मरक्षा का संबल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत विशेष प्रशिक्षण
कस्तूरबा गांधी व विनोबा भावे विद्यालय की छात्राओं ने सीखी फ्रंट जंप किक और साइड ब्लॉक जैसी तकनीकें

सम्भल l महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सम्भल प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत 03 फरवरी 2026 को ग्राम आटा स्थित विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं को आत्मरक्षा का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कस्तूरबा बालिका विद्यालय सरथल खेड़ा एवं विनोबा भावे विद्यालय की छात्राओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं को कठिन और विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के लिए सक्षम बनाना रहा।

व्यावहारिक अभ्यास पर दिया गया जोर
आत्मरक्षा प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक सुरेश कुमार, पूर्वी, संतराम, ब्रजेश एवं रितेश द्वारा छात्राओं को लेग राइज, फ्रंट किक, फ्रंट जंप किक, साइड किक, साइड ब्लॉक्स और पंच जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण पूरी तरह से व्यावहारिक रहा, जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रशिक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि छात्राएं आत्मरक्षा सीखने को लेकर बेहद उत्साहित हैं और प्रतिदिन प्रशिक्षण में उनकी संख्या बढ़ रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं ने भी अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब वे खुद को पहले से अधिक सशक्त, निर्भीक और आत्मविश्वासी महसूस कर रही हैं।

सरकारी योजनाओं से भी कराया गया अवगत
जिला प्रोबेशन अधिकारी चन्द्र भूषण ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जनपद के जूनियर हाई स्कूलों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नियमित रूप से आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैंl उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्राओं को सरकार द्वारा महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है, जिनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, छात्रवृत्ति योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रमुख हैं। इसका उद्देश्य यह है कि पात्र बालिकाएं और महिलाएं इन योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।




