कागजों में दो मंजिला मकान, हकीकत में झोपड़ी में रह रहा गरीब परिवार
प्रधानमंत्री आवास योजना पर उठे सवाल, पीड़ित महिला ने लगाई न्याय की गुहार


संभल/गुन्नौर। विकासखंड गुन्नौर क्षेत्र की ग्राम पंचायत फिरोजपुर के गांव मीरमपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां एक गरीब परिवार आज भी झोपड़ी में रहने को मजबूर है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उसके नाम पर दो मंजिला मकान बना हुआ दर्शाया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद योजना के क्रियान्वयन और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं।
गांव मीरमपुर निवासी हरमुखी पत्नी रामेश्वर का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें आज तक योजना का लाभ नहीं मिला। पीड़ित महिला का कहना है कि आवास दिलाने के नाम पर उनसे मोटी रकम की मांग की गई थी, जिसे देने में वह असमर्थ थीं। मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करने वाली यह महिला आज भी कच्चे घर और झोपड़ी में रहने को मजबूर है।
पीड़िता ने ग्राम पंचायत के सचिव कमल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण उसके नाम पर कागजों में ही दो मंजिला मकान बना हुआ दिखा दिया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि उसके पास रहने के लिए पक्का घर तक नहीं है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार की बड़ी बेटी ने पहले भी जिलाधिकारी सम्भल से गुहार लगाकर प्रधानमंत्री आवास दिलाने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई राहत नहीं मिल सकी।

पीड़ित महिला का कहना है कि वह लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस संबंध में जब विकासखंड अधिकारी कमलकांत से बात की गई तो उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकरण की पहले भी एक बार जांच हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष जांच कर गरीब परिवार को न्याय दिलाता है या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ कागजों में ही सीमित रह जाएगा। इस घटना ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



