महाशिवरात्रि पर राजघाट से चंदौसी तक आस्था का महासैलाब
लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी कांवड़ लेकर निकले शिवभक्तों से हाईवे रहा जाम प्रशासन रहा अलर्ट

सम्भल। गुन्नौर/बबराला महाशिवरात्रि के अवसर पर बबराला स्थित राजघाट गंगा घाट पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा इलाका शिवमय हो गया। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भीड़ घाट की ओर बढ़नी शुरू हो गई थी और देखते ही देखते गंगा तट जनसमूह से भर गया। अनुमान के मुताबिक लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित किया और भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए कांवड़ में गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।

सुबह से ही घाट पर “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग आस्था की डोर में बंधे दिखाई दिए। कई श्रद्धालुओं ने आकर्षक कांवड़ सजाई थीं, जिनमें रंग-बिरंगी लाइटें, धार्मिक झांकियां और भक्ति संदेश अंकित थे।

राजघाट बना आस्था का केंद्र
राजघाट गंगा घाट इस बार क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र बनकर उभरा। आसपास के जनपदों के अलावा दूर-दराज ग्रामीण इलाकों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। घाट पर स्नान, पूजा और जल भरने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए घाट पर बैरिकेडिंग की गई थी और फिसलन रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। स्वयंसेवकों और स्थानीय संगठनों ने भी श्रद्धालुओं की सहायता में सक्रिय भूमिका निभाई।

गुन्नौर से चंदौसी तक सड़कों पर जनसैलाब
राजघाट, बबराला, गुन्नौर, जुनावई, रजपुरा, गवां, धनारी, भकरोली, पाठकपुर, बहजोई और चंदौसी तक मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। कांवड़ियों के जत्थे अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आए। श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के चलते हाईवे और मुख्य मार्गों पर यातायात की रफ्तार थम सी गई। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी रही। यात्रियों को घंटों तक रुकना पड़ा। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, रूट डायवर्जन लागू
महाशिवरात्रि को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आया। राजघाट से लेकर चंदौसी तक प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। रूट डायवर्जन योजना लागू कर बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त करते रहे और लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। भीड़ प्रबंधन के लिए अस्थायी नियंत्रण कक्ष और सहायता केंद्र स्थापित किए गए थे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और चिकित्सा टीमें भी तैनात रहीं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की, जिसका असर भी देखने को मिला।

शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ पर्व
भारी भीड़ और उत्साह के बावजूद पूरे क्षेत्र में महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की सतर्कता के चलते विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि पर उमड़ा यह जनसैलाब क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और शिवभक्ति की मजबूत परंपरा को एक बार फिर उजागर कर गया। गंगा तट से लेकर हाईवे तक गूंजते जयकारों ने पूरे इलाके को एक दिन के लिए शिवमय बना दिया।





