संभल में प्रधानी की रंजिश ने मचाया खूनी तांडव!
पहलवाड़ा गांव में पथराव के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग ग्राम प्रधान की सास की मौत से इलाके में सनसनी दो गंभीर घायल गांव पुलिस छावनी में तब्दील

संभल गुन्नौर। जनपद संभल में ग्राम प्रधानी की पुरानी रंजिश ने शुक्रवार देर रात ऐसा खूनी रूप ले लिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। थाना बबराला क्षेत्र के गांव पहलवाड़ा में रात करीब 10 बजे दो पक्षों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में बदल गई। पथराव के बाद अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। गोलियों की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस सनसनीखेज वारदात में वर्तमान ग्राम प्रधान मीरा देवी की सास एवं राशन डीलर प्रेमवती (65 वर्ष) की गोली लगने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दोनों पक्षों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए, बाजार बंद हो गए और गांव की गलियां सन्नाटे में तब्दील हो गईं। हालात की गंभीरता को देखते हुए गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।

पुरानी प्रधानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
ग्रामीणों के अनुसार पहलवाड़ा गांव में ग्राम प्रधानी को लेकर लंबे समय से दो गुटों के बीच तनाव चला आ रहा था। चुनाव के बाद से ही आरोप-प्रत्यारोप, विवाद और आपसी कहासुनी आम बात हो गई थी। कई बार मामला पंचायत और प्रशासन तक भी पहुंचा, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। शुक्रवार रात अचानक दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई, फिर देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और कुछ ही देर में दोनों ओर से अवैध हथियारों से फायरिंग होने लगी।

गोली लगते ही मची चीख-पुकार
फायरिंग के दौरान चली एक गोली ग्राम प्रधान मीरा देवी की सास प्रेमवती को जा लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें संभाल पाते, उससे पहले ही उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। प्रेमवती की मौत की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया। महिलाएं रोने-बिलखने लगीं और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

ग्राम प्रधान का पति भी घायल हालत गंभीर
इस खूनी संघर्ष में ग्राम प्रधान मीरा देवी के पति पवन भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं दूसरे पक्ष का युवक देवेश भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ है। दोनों घायलों का इलाज जारी है।

सूचना मिलते ही हरकत में आया पुलिस प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। भारी पुलिस बल, पीएसी और स्थानीय थाने की फोर्स गांव में तैनात कर दी गई। गांव के प्रमुख रास्तों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस पिकेट लगा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

तीन विशेष टीमें गठित आरोपियों की तलाश में दबिश
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं। इनमें एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना बबराला पुलिस को शामिल किया गया है। टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

विकास कार्यों की जांच बना विवाद का मुख्य कारण
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस खूनी संघर्ष की जड़ ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच को माना जा रहा है। दूसरे पक्ष ने विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसकी जांच प्रशासन स्तर पर चल रही थी। इसी जांच को लेकर दोनों पक्षों में लगातार तनाव बढ़ता गया और अंततः यह तनाव हिंसक वारदात में बदल गया।


गांव में तनावपूर्ण शांति पुलिस अलर्ट मोड पर
फिलहाल पहलवाड़ा गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।

प्रधानी की रंजिश में हुई इस खूनी वारदात ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे संभल जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस कितनी जल्दी दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।





