पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति बढ़ाने पर जोर, कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित
जिलाधिकारी के निर्देशन में सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक, बैंकों को ऋण स्वीकृति में तेजी लाने के निर्देश

सम्भल बहजोई। आज मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य योजना की प्रगति की समीक्षा कर इसके क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने बैठक के दौरान एलडीएम ललित राय से पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि कितने आवेदन किस बैंक और किस शाखा में लंबित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित बैंकों के जिला समन्वयकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऋण अनुमोदन एवं ऋण वितरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़े वेंडर्स से भी प्रगति की जानकारी प्राप्त की और उनसे समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों नगर पालिका एवं नगर पंचायत, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ा जाए और प्रगति में तेजी लाई जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की फ्लैगशिप योजना है, जिसे गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ आमजन तक पहुंचे, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाना आवश्यक है। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रीति यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आशीष सिंह, एलडीएम ललित राय, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी रत्नेश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग राजीव सिंह सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





