संपूर्ण समाधान दिवस 110 शिकायतें दर्ज एक का भी मौके पर निस्तारण नहीं
राजस्व ,पुलिस,ग्राम,पूर्ति,विधुत, चकबंदी, स्वास्थ्, बैंक व शिक्षा विभाग से शिकायतें प्राप्त हुईं।

शिकायत का तत्काल समाधान नहीं हो पाने से फरियादियों में नाराजगी देखी गई।

सम्भल गुन्नौर। गुन्नौर तहसील सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुल 110 फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन एक भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। सभी शिकायती पत्रों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में एसडीएम अवधेश कुमार, सीओ आलोक कुमार सिद्धू एवं तहसीलदार रविंद्र विक्रम ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक 51 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं, जबकि पुलिस विभाग से 24, ग्राम विकास से 7, पूर्ति विभाग से 6, विद्युत विभाग से 6, चकबंदी विभाग से 5, स्वास्थ्य विभाग से 2, बैंक व शिक्षा विभाग से 3-3 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके अलावा नगर पंचायत, वन, सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग से एक-एक तथा अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें भी दर्ज की गईं। हालांकि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य समस्याओं का त्वरित एवं मौके पर निस्तारण करना होता है, लेकिन इस बार किसी भी शिकायत का तत्काल समाधान नहीं हो पाने से फरियादियों में नाराजगी देखी गई। कार्यक्रम में सीएमओ तरुण पाठक, नायब तहसीलदार अर्जुन कुमार व उदयवीर सिंह, बीडीओ कमल राज सिंह, रजपुरा व धनारी के थाना प्रभारी, गुन्नौर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अमरेश तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

डीएम ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय का किया औचक निरीक्षण, रसोई का ताला खुलवाया
संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने गुन्नौर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विद्यालय की रसोई में पिछले एक वर्ष से ताला लगा हुआ था, जिसकी शिकायत जिलाधिकारी को प्राप्त हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल रसोई का ताला खुलवाया और विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ खामियां पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




