शादी की खुशियां मातम में बदलीं द्वारचार के दौरान गिरी कच्ची दीवार दूल्हा समेत कई घायल
7 साल का मासूम मलबे में दबा, टूटा पैर चीख-पुकार के बीच देर रात तक चला इलाज

संभल धनारी। थाना धनारी क्षेत्र के कस्बा बस स्टैंड धनारी में बीती रात एक शादी समारोह उस समय सनसनीखेज हादसे में बदल गया, जब द्वारचार की रस्म के दौरान अचानक एक कच्ची दीवार भरभराकर बारातियों के ऊपर गिर पड़ी। खुशियों और शहनाइयों के बीच मचे इस हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। दूल्हा समेत कई बाराती घायल हो गए, जबकि एक सात वर्षीय बच्चा मलबे में दबकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

द्वारचार की रस्म चल रही थी तभी भरभराकर गिरी दीवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा बस स्टैंड धनारी निवासी महावीर वाल्मीकि की पुत्री संतोष की बारात थाना बबराला क्षेत्र के ग्राम कैल से आई थी। विवाह की सभी मुख्य रस्में शांतिपूर्वक संपन्न हो चुकी थीं। जैसे ही दूल्हा विजय पुत्र मुकेश बारात लेकर लड़की पक्ष के मुख्य द्वार पर पहुंचा और द्वारचार की रस्म शुरू हुई, उसी समय पास खड़ी एक जर्जर कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। तेज धमाके की आवाज और धूल के गुबार के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।


दूल्हे के सिर और चेहरे पर चोट, कई बाराती घायल
हादसे में दूल्हा विजय के सिर और चेहरे पर चोट आई। मौके पर मौजूद कालीचरन पुत्र लालमन और उनके पुत्र विकास के पैरों में गंभीर चोटें आईं। बॉबी सहित दो-तीन अन्य बाराती भी घायल हुए। लड़की पक्ष के अमित पुत्र सुरेंद्र निवासी मई वसई थाना इस्लामनगर को गंभीर चोटें आईं। पंकज पुत्र इंद्रपाल सहित कई अन्य लोगों को भी चोटें लगीं। घायल लोगों की चीख-पुकार से पूरा माहौल दहशत में बदल गया।

मासूम मलबे में दबा टूटा पैर
हादसे का सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब लगभग सात वर्षीय एक बच्चा दीवार के पास खड़ा था और अचानक मलबे के नीचे दब गया। परिजनों और मौजूद लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसका एक पैर टूट चुका था और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

108 एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए सभी घायल
घटना की सूचना मिलते ही डायल 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात तक अस्पताल में परिजनों की भीड़ लगी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीवार पहले से ही जर्जर हालत में थी और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। शादी जैसे बड़े आयोजन में कच्चे और कमजोर निर्माण के पास भीड़ जमा होना इस हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आयोजनों से पहले स्थल की सुरक्षा जांच अनिवार्य की जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान खतरे में न पड़े।

देर से हुई विदाई, सहमा रहा पूरा परिवार
हादसे के कारण बारात की विदाई काफी देर से की गई। जहां कुछ समय पहले तक शादी की खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक डर और चिंता का साया छा गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।





