संभल में फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी का खौफनाक खेल काले धन के नाम पर ग्रामीण से 24 लाख की रंगदारी
दो करोड़ के काले धन की झूठी कहानी फर्जी नोटिस और गिरफ्तारी की धमकी पुलिस ने किया बड़े ठगी गिरोह का पर्दाफाश

सरकारी अफसर बनकर गांव-गांव घूम रहा था ठग, पूछताछ में सामने आ सकती हैं कई और वारदातें
संभल। जनपद सम्भल में सरकारी तंत्र की साख को दांव पर लगाकर ग्रामीणों को ठगने का एक चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर काले धन की कार्रवाई का डर दिखाते हुए लाखों रुपये की अवैध वसूली करने वाले आरोपी को थाना नखासा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ग्रामीण को जेल, छापेमारी और संपत्ति सीज करने की धमकी देकर 24 लाख रुपये की मांग कर रहा था। यह बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सम्भल कृष्ण कुमार के आदेशानुसार, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी कुलदीप सिंह के कुशल निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी असमोली कुलदीप कुमार के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

ग्रामीण को बनाया निशाना गांव में फैलाई दहशत
पुलिस के अनुसार थाना नखासा क्षेत्र के ग्राम अख्तयारपुर तड़ा निवासी शीशपाल पुत्र पीताम्बर को बीते कुछ दिनों से एक व्यक्ति लगातार धमका रहा था। आरोपी खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताकर ग्रामीण के घर पहुंचा और रौबदार अंदाज़ में कार्रवाई की बात कहने लगा। आरोपी ने दावा किया कि शीशपाल के पास करीब दो करोड़ रुपये का काला धन है, जिसकी सूचना विभाग को मिल चुकी है और किसी भी समय उसके घर पर छापा पड़ सकता है।
कार्रवाई से बचने के बदले 24 लाख की डील
आरोपी ने ग्रामीण से साफ शब्दों में कहा कि यदि वह इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी, कानूनी कार्रवाई और जेल से बचना चाहता है तो उसे दो करोड़ रुपये का 12 प्रतिशत यानी 24 लाख रुपये देने होंगे। आरोपी ने यह भी कहा कि रकम न देने पर उसका पूरा परिवार कानूनी पचड़े में फंस जाएगा। ग्रामीण को पूरी तरह भयभीत करने के लिए आरोपी ने उसे फर्जी इनकम टैक्स नोटिस भी सौंपा, जिसमें कार्रवाई, जुर्माना और संपत्ति सीज करने जैसी बातें लिखी थीं। सरकारी मुहर और भाषा देखकर ग्रामीण पूरी तरह घबरा गया और खुद को बड़ी मुसीबत में फंसा महसूस करने लगा।
पुलिस को दी सूचना, खुली ठगी की पोल
शक होने पर शीशपाल ने हिम्मत दिखाते हुए पूरे मामले की जानकारी थाना नखासा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी का इनकम टैक्स विभाग से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है और वह पूरी तरह फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों को ठग रहा है। वादी की तहरीर के आधार पर दिनांक 08 फरवरी 2026 को थाना नखासा पर मु0अ0सं0 22/2026 धारा 308(2), 338, 336(3), 340(2), 351(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहित उर्फ प्रिंस पुत्र पुरुषोत्तम, निवासी ग्राम दिल्लूपुरा, थाना नखासा, जनपद सम्भल को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आई ठगी की साजिश और भी पीड़ितों की तलाश नेटवर्क खंगाल रही पुलिस
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह खुद को सरकारी अधिकारी बताकर सीधे-साधे लोगों को डराता था और उनसे मोटी रकम ऐंठने की फिराक में रहता था। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने इससे पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, दस्तावेज और संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यदि खुद को सरकारी अधिकारी बताकर धन की मांग करे या कार्रवाई की धमकी दे, तो उसकी तुरंत पुष्टि संबंधित विभाग से करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।




