DM डॉ राजेन्द्र पैंसिया का चंदौसी दौरा बना प्रशासनिक सख़्ती का संदेश अस्पताल से कोतवाली और नगर पालिका तक लिया व्यवस्थाओं का जायजा
स्वास्थ्य पुलिस और नगर पालिका में कमियां मिलने पर दिए सख़्त निर्देश वेतन न मिलने व फाइल गायब होने पर एफआईआर के आदेश

सम्भल/बहजोई। सोमवार को जनपद सम्भल में प्रशासनिक हलचल उस समय तेज हो गई जब जिलाधिकारी डॉ राजेन्द्र पैंसिया ने चंदौसी क्षेत्र में एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण विभागों का गहन और औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के इस दौरे में स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस व्यवस्था, नगर पालिका, तहसील और विकासखंड की कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा की गई और जहां भी कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधार और सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चंदौसी का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं को परखा और परिसर में स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन का निरीक्षण करते हुए उसे कवर कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में पेड़ों के चारों ओर सौन्दर्यीकरण के लिए टाइल्स या पत्थर लगवाने, शीतल जल प्याऊ की व्यवस्था तथा साफ-सफाई को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) चंदौसी का निरीक्षण किया। यहां भर्ती सैम बच्चों की माताओं से सीधे संवाद कर उपचार की जानकारी ली। माताओं ने बताया कि उनके बच्चों का इलाज कई जिलों में कराया गया, लेकिन एनआरसी चंदौसी में आने के बाद ही बच्चों में सुधार हुआ। इस पर जिलाधिकारी ने माताओं से अपील की कि वे अपने आसपास कुपोषित बच्चों की जानकारी उनके परिजनों को दें और बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने के लिए जागरूक करें। स्वास्थ्य निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट और चिकित्सकों के आवासों का भी निरीक्षण किया और साफ-सफाई व व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने कोतवाली चंदौसी का निरीक्षण किया। उन्होंने भूमि विवाद रजिस्टर, गुण्डा 129-जी रजिस्टर, थाना समाधान दिवस रजिस्टर, मिशन शक्ति रजिस्टर सहित कुल 09 रजिस्टरों की जांच की। पुराने वाहनों की नीलामी, चौकीदारों के रिक्त पदों के संबंध में शासन को पत्र भेजने और प्रमुख कॉलेजों के पास एंटी रोमियो अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरे, मिशन शक्ति कक्ष और बाल कक्ष का भी निरीक्षण किया।

नगर पालिका परिषद चंदौसी के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने पदोन्नति से संबंधित फाइलें गायब होने पर जिम्मेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के सख़्त निर्देश दिए और कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। नलकूप संचालन, जीआईएस, नगर पालिका को आईएसओ सर्टिफिकेशन दिलाने और सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर भी कड़े निर्देश दिए।

सफाई कर्मचारियों के वेतन को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि सात दिन में भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। रसीद, किरायानामा, संपत्ति कर और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर जांच के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही कबाड़ को जेम पोर्टल के माध्यम से नीलाम करने और परिसर में साफ-सफाई के आदेश दिए गए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील चंदौसी का निरीक्षण किया। उन्होंने नवनिर्मित तहसील द्वार के पास पोस्टर चस्पा करने के लिए अलग दीवार बनवाने, पेड़ों के चारों ओर सौन्दर्यीकरण, मतदाता पंजीकरण कक्ष की जांच और साफ-सफाई को लेकर निर्देश दिए। रजिस्टरों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अंत में जिलाधिकारी ने विकासखंड बनियाखेड़ा का निरीक्षण किया। यहां जिलाधिकारी डॉ राजेन्द्र पैंसिया एवं मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत लाभार्थियों को पंपसेट और प्रमाण पत्र वितरित किए। साथ ही पंचायत उद्योग सेनेटरी व नैपकिन उत्पादन इकाई, विकासखंड सभागार और विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण किया। विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए हाइब्रिड सोलर पैनल लगाने के निर्देश भी दिए गए।

इस निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ तरुण पाठक, उप जिलाधिकारी चंदौसी आशुतोष तिवारी, क्षेत्राधिकारी चंदौसी मनोज कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी रत्नेश कुमार, अधिशासी अभियंता आरआईडी राकेश कुमार, खंड विकास अधिकारी बनियाखेड़ा ज्योत्सना, नगर पालिका अध्यक्ष लता वार्ष्णेय, अधिशासी अधिकारी धर्मराज राम सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के इस व्यापक निरीक्षण को लेकर प्रशासनिक गलियारों में स्पष्ट संदेश गया है कि लापरवाही, अनियमितता और टालमटोल अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





