GST छापेमारी से भड़के चंदौसी के व्यापारी पूरा बाजार बंद कर किया जोरदार प्रदर्शन राज्य मंत्री के हस्तक्षेप से टूटा गतिरोध
मंत्री की मौजूदगी में बनी बड़ी सहमति अब छापे के दौरान परिवार व व्यापार मंडल प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद आंदोलन समाप्त

संभल। चंदौसी में गुरुवार को जीएसटी विभाग की छापेमारी के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। छापेमारी की कार्यशैली से नाराज़ व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए पूरे शहर का बाजार बंद कर दिया। बाजार बंद होने से शहर की रफ्तार थम गई और हर तरफ व्यापारी आक्रोश देखने को मिला। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना और दबावपूर्ण तरीके से की जा रही कार्रवाई से व्यापारिक माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि वे कानून के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अचानक छापेमारी, दबाव और अपमानजनक व्यवहार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि छापेमारी के स्पष्ट नियम तय किए जाएं और व्यापारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। व्यापारियों के उग्र आंदोलन को देखते हुए राज्य मंत्री ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और व्यापार मंडल व जीएसटी अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित कराया। मंत्री की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी वार्ता हुई, जिसमें छापेमारी की प्रक्रिया को लेकर अहम और ऐतिहासिक सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि भविष्य में जब भी किसी दुकान पर जीएसटी की छापेमारी होगी, तो संबंधित व्यापारी के परिवार के दो सदस्य चेकिंग के दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही व्यापार मंडल के प्रतिनिधि भी मौके पर रहेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसी तरह का विवाद न हो।
वार्ता के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि जीएसटी अधिकारी किसी भी व्यापारी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे और सभी कार्रवाई नियमों के तहत, मर्यादित ढंग से की जाएगी। राज्य मंत्री के हस्तक्षेप से निकले इस समाधान पर व्यापारियों ने संतोष जताया और धरना-प्रदर्शन व बाजार बंद को समाप्त करने का ऐलान किया। शुक्रवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारी राज्य मंत्री के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने फूल माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर मंत्री का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर व्यापारी युवा नेता अनुज वार्ष्णेय ने कहा कि मंत्री के प्रयासों से व्यापारियों की बड़ी समस्या का समाधान निकला है और अब छापेमारी के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा।
व्यापारी नेता सागर गुप्ता ने कहा कि व्यापारी हमेशा कानून का सम्मान करते आए हैं, लेकिन छापेमारी की प्रक्रिया पारदर्शी और सम्मानजनक होनी चाहिए। राज्य मंत्री की पहल से व्यापारियों की बात सुनी गई और स्पष्ट नियम तय हुए हैं, जिससे व्यापारियों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल प्रशासन के साथ सहयोग के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। वहीं व्यापारी नेता शाह आलम मंसूरी ने साफ शब्दों में कहा कि व्यापारी सरकार के साथ खड़ा है, लेकिन अफसरशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी भारत की अर्थव्यवस्था का पहरी है और उसके सम्मान से कोई समझौता नहीं हो सकता। राज्य मंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में प्रेम ग्रोवर, मनतेश वार्ष्णेय, देवेन्द्र, मोनू, अमित पाठक, मोहित सक्सेना, शुभम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी नेता और पदाधिकारी शामिल रहे। मंत्री के हस्तक्षेप से निकला यह सकारात्मक समाधान चंदौसी के व्यापारिक माहौल के लिए एक मजबूत और शुभ संकेत माना जा रहा है।




