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सम्भल में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत छात्राओं को मिला आत्मरक्षा का प्रशिक्षण बढ़ा आत्मविश्वास

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय समेत कई स्कूलों की छात्राओं को सिखाई गई किक पंच की तकनीक प्रशिक्षकों ने दिए आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुण

सम्भल | रिपजिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत छात्राओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत दिनांक 02 फरवरी 2026 को ग्राम आटा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कस्तूरबा बालिका विद्यालय सरथल खेड़ा, नेहरू कंपोजिट जूनियर विद्यालय, विनोबा भावे विद्यालय एवं सरोजिनी नायडू विद्यालय की छात्राओं को आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे किसी भी चुनौती का डटकर सामना कर सकें।

किक-पंच और ब्लॉक्स की दी गई व्यावहारिक ट्रेनिंग

प्रशिक्षक सुरेश कुमार, पूर्वी, संतराम, ब्रजेश एवं रितेश द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को लेग राइज, फ्रंट किक, साइड किक, अपर ब्लॉक्स एवं फेस पंच जैसी तकनीकों की जानकारी दी गई और उनका अभ्यास भी कराया गया प्रशिक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि छात्राएं आत्मरक्षा सीखने के लिए काफी उत्साहित हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रशिक्षण में उपस्थित हो रही हैं। आत्मरक्षा प्रशिक्षण से छात्राओं के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो उनकी किक और पंच की ताकत से स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी चन्द्र भूषण ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिले के जूनियर हाई स्कूलों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में लगातार आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्राओं को सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के हितार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी जा रही है, जिनमें प्रमुख रूप से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आदि शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र बालिकाओं और महिलाओं को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके और वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।

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