जीएसटी सुधार मे ब्याज-पेनल्टी माफी से लेकर टैक्स कटौती तक मिली बड़ी सौगात
सरकार के फैसलों से व्यापारियों में उत्साह मौके पर ही सुलझीं समस्याएं

सम्भल चन्दौसी। उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर आयोजित व्यापारी–अधिकारी संवाद कार्यक्रम बुधवार को चन्दौसी में व्यापारियों के लिए राहत और जागरूकता का बड़ा मंच बनकर सामने आया। जवाहर रोड स्थित धन्वंतरी फार्मेसी में आयोजित इस कार्यक्रम में जीएसटी से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण सुधारों की जानकारी दी गई, जिनसे छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला और जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं पर खुलकर चर्चा हुई।
जीएसटी में राहत की बड़ी घोषणा ब्याज और पेनल्टी से मिलेगी मुक्ति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डिप्टी कमिश्नर जीएसटी बब्बू यादव एवं धर्मेंद्र कुमार ने व्यापारियों को बताया कि सरकार ने व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए एसपीएल-02 (वाइबर स्कीम) लागू की है।
इस योजना के अंतर्गत पुराने मामलों में ब्याज और पेनल्टी पूरी तरह माफ की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह योजना अभी भी लागू है और व्यापारी इसका लाभ ले सकते हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यदि किसी मामले में माननीय न्यायालय द्वारा धारा 74 के स्थान पर धारा 73 लागू की जाती है, तो ऐसे मामलों में व्यापारी किसी भी समय एसपीएल-02 भरकर ब्याज और पेनल्टी से राहत पा सकते हैं। यह जानकारी व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। डिप्टी कमिश्नर बब्बू यादव ने बताया कि एक हजार रुपये से कम राशि वाले मामलों में अब शो-कॉज नोटिस जारी नहीं किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। जीएसटी की धारा 73/74 एवं 74ए से जुड़े मामलों में भी सरकार ने व्यापारियों को राहत दी है। अब पेनल्टी से संबंधित मामलों में उत्तर देने की समय-सीमा 30 दिन से बढ़ाकर 60 दिन कर दी गई है, जिससे व्यापारी पूरे तथ्यों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रख सकेंगे।
महंगे टैक्स में कटौती, आम जनता और व्यापार दोनों को फायदा
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सरकार ने मेंथा सहित कई वस्तुओं पर लगाए गए ऊंचे जीएसटी दरों में कटौती की है। पहले जहां आवश्यक वस्तुओं पर 12, 18 और 28 प्रतिशत तक जीएसटी लगाया जा रहा था, अब उसे कम किया गया है। इससे न सिर्फ व्यापार को गति मिलेगी, बल्कि आम जनता की क्रय शक्ति बढ़ेगी, मांग में इजाफा होगा और उद्योगों के साथ-साथ देश का राजस्व भी बढ़ेगा। संवाद कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने अपनी-अपनी व्यावसायिक और जीएसटी से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और शेष मामलों में उचित मार्गदर्शन दिया गया, जिससे व्यापारियों ने राहत की सांस ली। कार्यक्रम में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रेम ग्रोवर,प्रदेश उपाध्यक्ष शाह आलम मंसूरी,उमेश वार्ष्णेय,रमेश ग्रेवाल, सागर गुप्ता, राघवेंद्र मिश्रा, विजेंद्र मिश्रा, राजुल मिश्रा, विकास मिश्रा, सुशील वार्ष्णेय, अंकित गुप्ता, चिंटू शर्मा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम न सिर्फ जीएसटी सुधारों की जानकारी देने तक सीमित रहा, बल्कि सरकार और व्यापारियों के बीच सीधा संवाद और भरोसे की मजबूत कड़ी बनकर उभरा। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित होते रहेंगे, जिससे व्यापार और प्रशासन के बीच दूरी खत्म हो सके।




