रामगिरि बाबा की मढ़ी पर विराट हिंदू सम्मेलन से गूंजा राष्ट्रवाद
महामंडलेश्वर रूपेंद्र जी महाराज और संघ प्रचारक के ओजस्वी उद्बोधन हिंदू एकता और राष्ट्र निर्माण का आह्वान

सम्भल। गुन्नौर/रजपुरा/बबराला। क्षेत्र के गांव तुमरिया खादर स्थित रामगिरि बाबा की मढ़ी बुधवार को ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब यहां विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य और शक्ति प्रदर्शन जैसा आयोजन हुआ। सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें, युवक और बुजुर्ग पहुंचे। चारों ओर भगवा झंडे, जयकारे और राष्ट्रभक्ति के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। वातावरण पूरी तरह धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रनिष्ठ भावनाओं से ओत-प्रोत नजर आया।
इस विराट आयोजन में हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर रूपेंद्र जी महाराज तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मेरठ प्रांत के बौद्धिक प्रमुख कृष्ण कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। दोनों वक्ताओं के ओजस्वी भाषणों ने जनसमूह में जोश, चेतना और आत्मगौरव का संचार कर दिया।

संघ के पांच प्रणों का किया विस्तार से वर्णन
संघ प्रचारक कृष्ण कुमार ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पांच प्रमुख प्रण—स्वदेशी भोजन, स्वदेशी वेशभूषा, स्वदेशी भाषा, नागरिक कर्तव्य और कुटुंब प्रबोधन—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब तक समाज स्वदेशी और आत्मनिर्भर नहीं बनेगा, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं हो सकता। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों पर भी जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। उन्होंने समाज को संस्कारित, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ बनने का आह्वान किया।
हिंदू हिंसा नहीं करता लेकिन सहता भी नहीं: महाराज
महामंडलेश्वर रूपेंद्र जी महाराज ने अपने तेजस्वी उद्बोधन में हिंदू की परिभाषा स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदू कभी भी हिंसा का मार्ग नहीं अपनाता, लेकिन अत्याचार और अधर्म को सहन भी नहीं करता। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने को सदैव तैयार रहता है। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान राम और भगवान कृष्ण जैसे अवतार अधर्म के नाश के लिए प्रकट होते हैं। महाराज ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि आने वाले समय में भगवान कल्कि का अवतार सम्भल की धरती पर होगा, जिसे सुनकर पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
ऊंच-नीच मिटाकर भाईचारा बढ़ाने का संदेश
कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ के जिला कार्यवाह प्रोफेसर डॉ. राजकुमार वैदिक ने किया। उन्होंने कहा कि सभी हिंदू सगे भाई हैं और समाज में व्याप्त ऊंच-नीच की भावना को समाप्त कर आपसी भाईचारे को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। नीरज यादव के निर्देशन में प्रस्तुत कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और हिंदुत्व की भावना साफ झलकी। मंच से प्रस्तुत गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों पर श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे।

12 गांवों की आयोजन समिति ने निभाई अहम भूमिका
इस विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन न्याय पंचायत बसंतपुर के अंतर्गत आने वाले 12 गांवों के प्रमुख लोगों द्वारा गठित आयोजन समिति के तत्वावधान में किया गया। आयोजन समिति के सदस्यों में रक्षपाल राय, प्रेमकुमार, धरमल, श्योराज सिंह, अजीत कुमार, सतीश कुमार, राजू, कामसिंह, रजनेश तुमरिया, मोहरपाल सिंह, देवेंद्र कुमार, देवेंद्र यादव, उदयवीर सिंह, राजवीर भीकमपुर, महेश कहरोला, महेश अन्नू, मदन, मोहित यादव सहित अनेक लोग शामिल रहे। सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, माताएं-बहनें और युवक मौजूद रहे। यह विराट हिंदू सम्मेलन न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाला साबित हुआ।





