Welcome to AV LIVE TV   Click to listen highlighted text! Welcome to AV LIVE TV
टॉप न्यूज़

संभल बना उत्तर प्रदेश का पहला जनपद: सभी 15 थानों में मातृत्व व शिशु देखभाल कक्ष महिला पुलिसकर्मियों को मिली 15 होंडा एक्टिवा

संगठित बीमा धोखाधड़ी की जांच से निकली सामाजिक पहल CSR के जरिए महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल

संभल। टॉप स्टोरी

उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशासन में संवेदनशीलता, कल्याण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में सम्भल ने नया मानक स्थापित किया है। जनपद सम्भल प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहाँ सभी 15 पुलिस थानों में मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्ष (क्रेच) की स्थापना के साथ-साथ महिला पुलिसकर्मियों को 15 होंडा एक्टिवा स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं। यह पहल महिला पुलिसकर्मियों के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षित, सहयोगात्मक और मानवीय वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

डिजिटल उद्घाटन एक साथ जुड़े सभी थाने

आज दिन शनिवार को मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्षों का उद्घाटन डिजिटल माध्यम से किया गया। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश, एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा, डीआईजी मुरादाबाद रेंज मुनिराज गोबू, पुलिस अधीक्षक सम्भल कृष्ण कुमार बिश्नोई और अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिण अनुकृति शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम में टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड और राउंड टेबल इंडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। जनपद के सभी पुलिस थाने कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े रहे, जबकि प्रत्येक थाने पर ऑफलाइन रूप से बाल एवं मातृ कक्षों का उद्घाटन किया गया।

बीमा धोखाधड़ी की जांच से निकली कल्याणकारी पहल

इस पहल की पृष्ठभूमि में सम्भल पुलिस द्वारा उजागर की गई अंतर्राज्यीय संगठित बीमा धोखाधड़ी की बड़ी जांच रही। डीआईजी मुरादाबाद ने बताया कि इस प्रकरण में की गई गहन और परिणामोन्मुखी जांच ने बीमा क्षेत्र को सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत पुलिस कल्याण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में टाटा एआईजी और राउंड टेबल इंडिया ने जनपद के प्रत्येक पुलिस थाने में मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्ष स्थापित करने का निर्णय लिया।

महिला पुलिसकर्मियों के लिए क्या बदलेगा

कार्यक्रम में कहा गया कि महिला पुलिसकर्मियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ऐसे में कार्यस्थल पर बच्चों की देखभाल की सुविधा उनके लिए बड़ी राहत है। क्रेच सुविधा से महिला पुलिसकर्मी बिना मानसिक दबाव के अपनी ड्यूटी निभा सकेंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ बेहतर संतुलन बना पाएंगी। इसके साथ-साथ उपलब्ध कराई गई होंडा एक्टिवा स्कूटी उनकी फील्ड ड्यूटी को और अधिक सुगम बनाएंगी।

हर थाने में क्रेच की पूरी व्यवस्था

प्रत्येक मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्ष में शिशुओं के लिए पलंग, पालना, खिलौने, शैक्षिक खेल, स्टेशनरी, कुर्सियां और गद्दे उपलब्ध कराए गए हैं। माताओं के लिए पृथक फीडिंग कक्ष की भी व्यवस्था की गई है, जिससे ड्यूटी के दौरान बच्चों की देखभाल सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।

होंडा एक्टिवा का वितरण

महिला पुलिसकर्मियों के लिए कुल 15 होंडा एक्टिवा स्कूटी प्रदान की गई हैं। इनमें आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल द्वारा 10 और इंडिया फर्स्ट द्वारा 5 स्कूटी दी गईं। प्रत्येक थाने के लिए एक-एक स्कूटी उपलब्ध कराई गई है।

थाना धनारी में ऑफलाइन उद्घाटन और समाधान दिवस

थाना धनारी में बाल एवं मातृ कक्ष का ऑफलाइन उद्घाटन किया गया। इसी अवसर पर थाना समाधान दिवस आयोजित कर फरियादियों की समस्याओं को सुना गया। अधिकारियों ने शिकायतों के निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया।

प्रदेश के लिए उदाहरण बना सम्भल

इस कार्यक्रम के साथ सम्भल ने यह साबित किया है कि प्रभावी अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिस कल्याण और संवेदनशील प्रशासन भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। सभी 15 थानों में एक साथ मातृत्व एवं शिशु देखभाल कक्ष और महिला पुलिसकर्मियों के लिए दोपहिया वाहन उपलब्ध कराकर सम्भल पुलिस ने प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!