नेताजी की जयंती पर सम्भल में राष्ट्र सुरक्षा का जीवंत अभ्यास, कलक्ट्रेट बहजोई में हुआ ब्लैक आउट मॉक ड्रिल
प्रतीकात्मक हवाई हमला, सायरन, ब्लैक आउट, आग बुझाने से लेकर घायलों के रेस्क्यू तक प्रशासन और स्वयंसेवकों की सटीक तैयारी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर जनपद सम्भल में राष्ट्र सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और नागरिकों की जागरूकता को लेकर एक बड़ा और प्रभावशाली आयोजन किया गया। शुक्रवार को नागरिक सुरक्षा विभाग सम्भल के तत्वावधान में कलक्ट्रेट सभागार, बहजोई में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें युद्धकालीन परिस्थितियों और हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों से निपटने की प्रशासनिक तैयारियों का जीवंत और वास्तविक अभ्यास किया गया। इस मॉक ड्रिल ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में प्रशासन, सुरक्षा बल और आम नागरिक किस प्रकार संयम, सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से जन-जीवन की रक्षा कर सकते हैं।

मॉक ड्रिल के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में प्रतीकात्मक हवाई हमले की स्थिति उत्पन्न की गई। सायं 6:10 बजे दो मिनट तक ऊँची-नीची आवाज में हैण्ड सायरन बजाया गया। सायरन की आवाज सुनते ही कलेक्ट्रेट परिसर स्थित समस्त कार्यालयों की विद्युत व्यवस्था बंद कर पूर्ण ब्लैक आउट किया गया। इस दौरान परिसर में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने तय किए गए सुरक्षित स्थानों व शेल्टरों में शरण लेकर अभ्यास को सफल बनाया। हवाई हमले की चेतावनी के उपरांत पुनः दो मिनट के लिए सायरन बजाया गया, जिसके बाद विद्युत आपूर्ति बहाल की गई। सायं 6:15 बजे स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझाने का प्रदर्शन किया गया, जबकि अग्निशमन विभाग ने फायर ब्रिगेड के माध्यम से भीषण आग पर काबू पाने का सजीव प्रदर्शन किया। इसके बाद सायं 6:25 बजे हवाई हमले में घायल लोगों को प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर देकर बचाने का अभ्यास कराया गया। सायं 6:30 बजे गंभीर रूप से घायलों को एंबुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने की प्रक्रिया दिखाई गई। सायं 6:35 बजे मलबे और खतरनाक परिस्थितियों में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। सायं 6:40 बजे पूरे अनुशासन और समन्वय के साथ मॉक ड्रिल का समापन हुआ।

जिलाधिकारी का संदेश:
मॉक ड्रिल के पश्चात जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास आपदा और युद्ध जैसी परिस्थितियों में बेहद उपयोगी होते हैं। उन्होंने कहा,
“मॉक ड्रिल से हमें यह सीख मिलती है कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय कैसे त्वरित और सही निर्णय लेकर जान-माल की रक्षा की जा सकती है। सीपीआर जैसी छोटी-छोटी जानकारियां आम नागरिकों के लिए भी जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं।”

उपस्थित अधिकारी एवं टीमें:
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रदीप वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सौरभ कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, उप जिलाधिकारी चंदौसी आशुतोष तिवारी, डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी, डिप्टी कलेक्टर निधि पटेल, आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ ए.के. यादव, एनडीआरएफ, होमगार्ड्स, आपदा मित्र की टीमें तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष:
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित यह ब्लैक आउट मॉक ड्रिल केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि यह संदेश था कि सम्भल प्रशासन हर आपदा और संकट से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क, प्रशिक्षित और तैयार है।



