लखनऊ में गूंजा सम्भल का नाम: उत्तर प्रदेश पर्व 2025-26 में लोक कलाकारों ने बढ़ाया जनपद का मान
भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता, एकल नृत्य में नंदिनी कुशवाहा प्रथम, समूह नृत्य व गायन में भी सम्मान

सम्भल। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित “उत्तर प्रदेश पर्व हमारी संस्कृति हमारी पहचान 2025-26” के अंतर्गत राजधानी लखनऊ स्थित भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद सम्भल की लोक कला प्रतिभाओं ने प्रदेश भर में अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई। लोक नृत्य और लोक गायन की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सम्भल के कलाकारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए न केवल निर्णायकों का दिल जीता, बल्कि जनपद को सांस्कृतिक मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाया।

दिनांक 22 जनवरी 2026 को आयोजित इस राज्य स्तरीय आयोजन में उत्तर प्रदेश के सभी मंडलों से चयनित कलाकारों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक लोक कलाओं की विविध प्रस्तुतियों ने सभागार को संस्कृति और परंपरा के रंगों से सराबोर कर दिया। मुरादाबाद मंडल के जनपद सम्भल की उभरती हुई कलाकार कु. नंदिनी कुशवाहा ने अपनी सशक्त भाव-भंगिमा और तकनीकी दक्षता से एकल लोक नृत्य श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता में शीर्ष सम्मान हासिल किया। उनकी प्रस्तुति को लोक परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति बताया गया। इसके साथ ही समूह लोक नृत्य श्रेणी में सम्भल के उड़ान आर्टिस्ट ग्रुप को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि लोक गायन विधा में कु. शिवानी दीक्षित को भी सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। इन उपलब्धियों ने साबित कर दिया कि सम्भल की सांस्कृतिक प्रतिभाएं बहुआयामी और सशक्त हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ के वरिष्ठ कला विशेषज्ञों ने निर्णायक की भूमिका निभाई। सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि युवा कलाकारों के माध्यम से प्रदेश की लोक कलाएं नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। इस सांस्कृतिक उपलब्धि की जानकारी संस्कार भारती की लोक कला संयोजक (मेरठ प्रांत) श्रीमती ममता राजपूत द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक कलाकारों को पहचान मिलती है और हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।





