गुन्नौर ब्लॉक में सहकारी बैंक चुनाव के नामांकन पर बवाल
सपा–भाजपा आमने-सामने, धक्का-मुक्की और मारपीट; वीडियो वायरल, 25 लोग पाबंद

गुन्नौर (सम्भल)। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के शाखा प्रतिनिधि चुनाव के नामांकन के दौरान मंगलवार को गुन्नौर ब्लॉक कार्यालय परिसर राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया। सपा और भाजपा समर्थकों के बीच शुरू हुई तीखी नोकझोंक कुछ ही देर में धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। हालात इतने बिगड़े कि प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में किसी तरह स्थिति पर काबू पाया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

खबर विस्तार से
मंगलवार को सहकारी ग्राम विकास बैंक के शाखा प्रतिनिधि चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान सपा विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव के पुत्र एवं युवा नेता अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल कराने गुन्नौर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। सपा पक्ष का आरोप है कि उनके समर्थकों को जानबूझकर नामांकन करने से रोका गया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डाली गई।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव तथा उनके समर्थकों ने न केवल नामांकन में अवरोध पैदा किया, बल्कि उनके और उनके साथियों के साथ धक्का-मुक्की की और नामांकन पत्र छीनने का प्रयास भी किया। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन के अभाव में विपक्ष बौखलाया हुआ है और दबंगई के बल पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। अखिलेश यादव के अनुसार, भारी तनाव और हंगामे के बावजूद उनके समर्थक डटे रहे और प्रशासन से वार्ता के बाद अंततः नामांकन दाखिल कराया गया। उन्होंने ब्लॉक कार्यालय पहुंचे एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा और सीओ आलोक सिद्धू से गेट खुलवाकर परिचय पत्र भरवाने की मांग भी की।
कहासुनी से मारपीट तक पुलिस को बुलानी पड़ी अतिरिक्त फोर्स
नामांकन स्थल पर सपा और भाजपा समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते-ही-देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। मौके पर पहले से मौजूद गुन्नौर कोतवाली पुलिस हालात संभालने में जुट गई, लेकिन तनाव बढ़ने पर जुनावई और बबराला थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर बुलानी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और दोनों पक्षों को शांत कराया।

भाजपा की ओर से भी लगे आरोप
भाजपा के पूर्व विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के लोग विवाद फैलाने की नीयत से नामांकन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जब उनकी मनमानी नहीं चली तो वे झगड़े पर उतर आए, जिससे माहौल बिगड़ा।
तीन प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार
तनावपूर्ण माहौल के बीच शांति बहाल होने के बाद भाजपा की ओर से एडवोकेट चंद्रभान सिंह यादव ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके बाद एडवोकेट योगेंद्र सिंह यादव और ममता यादव ने भी अपने नामांकन प्रस्तुत किए।
रिटर्निंग ऑफिसर रविंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि तीनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों को जांच के बाद विधिवत रूप से स्वीकार कर लिया गया है।
प्रशासन सख्त, 25 लोग पाबंद
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि नामांकन के दौरान हुए विवाद के मामले में कुल 25 लोगों को पाबंद किया गया है।
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सपा विधायक के पुत्र अखिलेश यादव और भाजपा के पूर्व विधायक अजीत सिंह उर्फ राजू यादव को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया है।
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दोनों पक्षों के अन्य 23 लोगों को दो-दो लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया गया है।
वीडियो वायरल, सियासत और गरमाई
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कथित तौर पर भाजपा के पूर्व विधायक एवं मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव को सपा विधायक के पुत्र अखिलेश यादव को धक्का देते हुए देखा जा सकता है। वहीं भाजपा के प्रतिनिधि वीरेश यादव पर भी अखिलेश यादव के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने के आरोप सामने आए हैं। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
प्रशासन का दावा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि ब्लॉक में नामांकन के दौरान तनातनी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया गया और शांतिपूर्ण तरीके से सभी प्रत्याशियों का नामांकन कराया गया। प्रशासन का कहना है कि आगे की चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से कराई जाएगी। इस घटना ने न सिर्फ सहकारी बैंक चुनाव की गरिमा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्षेत्र की राजनीति को भी एक बार फिर गर्मा दिया है।



