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राजनीति

धनारी पर भाकियू असली अराजनैतिक का अनवरत धरना 16 वें दिन भी नहीं टूटा किसानों का हौसला

पशुपालन विभाग पर जमीन कब्जाने के आरोप महावा नदी के पुनर्जीवन को लेकर अंतिम सांस तक संघर्ष का ऐलान

सम्भल धनारी। भारतीय किसान यूनियन असली अराजनैतिक के बैनर तले धनारी पर चल रहा धरना-आंदोलन 16 वें दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। कड़ाके की ठंड और लगातार अनदेखी के बावजूद किसानों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है। किसानों का आरोप है कि पशुपालन विभाग पूरे मामले में अनजान बना हुआ है, जबकि किसान लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि उनकी खुद की जमीन पर भू-माफियाओं के माध्यम से कब्जा कराने की साजिश की जा रही है। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन असली अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषिपाल सिंह यादव ने कहा कि महावा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि किसानों की आस्था और जीवन का केंद्र है। उन्होंने कहा कि महावा नदी के पुनर्जीवन के लिए किसान अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे और किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों को अनदेखा किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ऋषिपाल सिंह यादव ने गुन्नौर क्षेत्र के नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि धनारी क्षेत्र के विकास के प्रति किसी भी जनप्रतिनिधि की सच्ची मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि आज भी क्षेत्र में न तो कोई डिग्री कॉलेज है और न ही विकास से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विकास के नाम पर केवल थाने और राजनीति की जा रही है, जिससे आम जनता और किसान लगातार परेशान हो रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय वही नेता खुद को ईमानदार, कर्मठ और जुझारू बताकर जनता से वोट मांगते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद किसानों और जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ लेते हैं। ऋषिपाल सिंह यादव ने यह भी कहा कि विभागों और पुलिस की कथित लूट में नेताओं की मिलीभगत किसी से छिपी नहीं है। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता बहादुर सिंह यादव ने किसानों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को होने वाली पंचायत किसानों की एकता और ताकत का प्रतीक बनेगी। इस पंचायत के माध्यम से किसानों को यह संदेश देना होगा कि वे अपने हक और अधिकारों के लिए संगठित हैं और किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। धरने में मौजूद किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस अवसर पर किसान लाल यादव, गजराम सिंह, विजय सिंह, बीरन सिंह, धीरेन्द्र सिंह, हरपाल सिंह, रोहतास, सत्यपाल सिंह सहित महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष कमलेश और बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं एवं युवा मौजूद रहे।

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