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क्राइम

AI के खतरे और साइबर ठगी से सावधान रहने की चेतावनी डीएम के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट में कार्यशाला

डीपफेक वीडियो डेटा चोरी और ऑनलाइन ठगी को लेकर अधिकारियों-कर्मचारियों को किया गया अलर्ट सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की दिलाई गई शपथ

सम्भल। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर खतरों के बीच आमजन और सरकारी तंत्र को सतर्क करने के उद्देश्य से सेफर इंटरनेट डे के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसमें इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग को लेकर अहम जानकारियाँ साझा की गईं।

 

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (एनआईसी) प्रभात मिश्रा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां शिक्षा, प्रशासन और कार्यक्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग से समाज के लिए गंभीर खतरे भी पैदा हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से डीपफेक वीडियो, फर्जी कंटेंट और डेटा प्राइवेसी उल्लंघन के मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी AI टूल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय अपनी व्यक्तिगत, गोपनीय या संवेदनशील जानकारी साझा करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। एक छोटी-सी लापरवाही साइबर अपराधियों को बड़ा मौका दे सकती है।

कार्यशाला में वित्तीय सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। बताया गया कि इंटरनेट बैंकिंग या ऑनलाइन लेनदेन करते समय केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और सुरक्षित नेटवर्क का ही प्रयोग करें। सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करने से बचें तथा अपने पासवर्ड और पिन को समय-समय पर बदलते रहें। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी जागरूक किया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी सूचना, फोटो या वीडियो को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा करें, क्योंकि यही साइबर ठगी और अफवाहों का सबसे बड़ा माध्यम बनता जा रहा है।

इस अवसर पर सेफर इंटरनेट डे 2026 की आधिकारिक वेबसाइट www.staysafeonline.in पर उपलब्ध जागरूकता वीडियो का प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही सभी उपस्थित लोगों को एआई के सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार उपयोग की शपथ भी दिलाई गई L कार्यशाला के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है तो वह तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकता है या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कर सकता है। कार्यशाला में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, डीपीआरओ, डीआरएम, नेटवर्क इंजीनियर, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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