30 दिन से जारी किसान आंदोलन: थनारी स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन ठहराव की मांग ने पकड़ा जोर
बरेली आगरा बांदीकुई पैसेंजर के स्टॉपेज को लेकर रेलवे के खिलाफ खुला मोर्चा किसान यूनियन ने चेताया अब आर-पार की लड़ाई

सम्भल/धनारी | बरेली–आगरा बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन का रेलवे स्टेशन थनारी पर ठहराव सुनिश्चित कराने को लेकर भारतीय किसान यूनियन असली (अराजनैतिक) द्वारा चलाया जा रहा धरना आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार को यह आंदोलन 30वें दिन में प्रवेश कर गया, जिससे रेलवे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

थनारी रेलवे स्टेशन परिसर में लगातार जारी इस आंदोलन ने अब क्षेत्रीय जनआंदोलन का रूप ले लिया है। किसान यूनियन का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन जिले से मंडल स्तर तक फैलाया जाएगा।
रेल प्रशासन के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे किसान यूनियन के पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता धरना स्थल पर एकत्र हुए। राष्ट्रीय प्रमुख सचिव ऋषिपाल सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए मुरादाबाद मंडल के रेल प्रबंधक के नाम ज्ञापन स्टेशन मास्टर थनारी को सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि थनारी स्टेशन पर बरेली–आगरा बांदीकुई पैसेंजर ट्रेन का ठहराव जनहित में अत्यंत आवश्यक है।

दर्जनों गांवों का प्रमुख स्टेशन फिर भी उपेक्षा
किसान यूनियन नेताओं ने बताया कि थनारी रेलवे स्टेशन आसपास के दर्जनों गांवों के लिए प्रमुख आवागमन केंद्र है। यहां से प्रतिदिन किसान, मजदूर, छात्र, नौकरीपेशा लोग और बुजुर्ग सफर करते हैं। इसके बावजूद पैसेंजर ट्रेन का ठहराव न होने से लोगों को कई किलोमीटर दूर अन्य स्टेशनों तक जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे समय, पैसा और मेहनत तीनों की बर्बादी हो रही है, जबकि रेलवे को अतिरिक्त कोई नुकसान भी नहीं होगा। किसान यूनियन का आरोप है कि इस मांग को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बार-बार अनदेखी के चलते मजबूर होकर संगठन को धरना आंदोलन शुरू करना पड़ा। यूनियन नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनसुविधा और क्षेत्रीय विकास के लिए किया जा रहा है।
अब चेतावनी के सुर तेज, आंदोलन होगा और व्यापक
किसान यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही थनारी स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के ठहराव की घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक, उग्र और निर्णायक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो रेल प्रशासन के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।धरना स्थल पर बहादुर सिंह यादव, जाकिर हुसैन, जितन, गजराम सिंह यादव, हरपाल सिंह, किशनलाल, सुमन यादव, बीरन सिंह, रामजीत सिंह, ओमकार सिंह, ओमप्रकाश, मेघ सिंह, अमर सिंह, संतोष सहित बड़ी संख्या में किसान यूनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



