संभल पुलिस की ऐतिहासिक कामयाबी, 509 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर लौटाई नागरिकों की मुस्कान
करीब 1.07 करोड़ रुपये कीमत के मोबाइल फोन बरामद साइबर सेल और थाना टीमों का शानदार समन्वय

संभल। जनपद सम्भल पुलिस ने गुमशुदा और खोए हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के अभियान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के निर्देश पर जनपदीय साइबर सेल और साइबर थाना की टीमों ने विशेष अभियान चलाकर 509 मोबाइल फोन बरामद किए और उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। बरामद मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ सात लाख रुपये बताई जा रही है।

यह अभियान जनपदवासियों की लगातार बढ़ती शिकायतों और मोबाइल चोरी/गुम होने की घटनाओं के मद्देनजर तेज किया गया। पुलिस ने बताया कि शिकायतों के क्रम में तकनीकी दक्षता और समन्वित प्रयास के जरिए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए सीईआईआर पोर्टल और संचारसाथी एप का इस्तेमाल किया गया। साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने पूरे अभियान में दूरसंचार विभाग के सीईआईआर पोर्टल का उपयोग कर मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की। इसमें न केवल जनपद सम्भल के भीतर, बल्कि अन्य जिलों और राज्यों से खोए हुए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। सभी मोबाइल फोन की सही पहचान के बाद उन्हें स्वामियों को सुपुर्द किया गया, जिससे आम नागरिकों में राहत की भावना पैदा हुई।

बरामद मोबाइल फोनों का विवरण:
बरामद मोबाइल फोनों में प्रमुख कंपनियों के वीवो – 107 फोन,ओप्पो – 97 फोन,सैमसंग – 73 फोन,रियलमी – 62 फोन,रेडमी – 51 फोन,वनप्लस – 29 फोन,मोटोरोला – 28 फोन,पोको – 15 फोन,टेक्नो – 14 फोन,इंफिनिक्स – 14 फोन,आईफोन – 2 फोन फोन शामिल हैं।

टीमवर्क और समन्वय:
इस अभियान में साइबर थाना प्रभारी अमन कुमार, जनपदीय साइबर सेल प्रभारी अजय कुमार और कोतवाली सम्भल, हयातनगर, कैला देवी, हजरतनगर गढ़ी, गुन्नौर, चंदौसी, नखासा, रायसत्ती, कुढ़ फतेहगढ़, बबराला, धनारी, असमौली, बहजोई, बनियाठेर, रजपुरा और जुनावई थानों के पुलिसकर्मी शामिल थे। सभी टीमों के समन्वित प्रयास और तकनीकी कौशल ने इस अभियान को सफल और प्रभावशाली बनाया।

नागरिकों की प्रतिक्रिया:
मोबाइल फोन वापस पाकर नागरिकों ने पुलिस की तत्परता और पारदर्शिता की खुलकर प्रशंसा की। कई लोगों ने इसे सुरक्षित और जिम्मेदार पुलिसिंग का उदाहरण बताया।

साइबर सेल की महत्वपूर्ण अपील:
साइबर सेल ने जनता से कहा कि यदि किसी का मोबाइल फोन खो जाए या चोरी हो जाए, तो तुरंत सिम कार्ड ब्लॉक कराएं, बैंक और डिजिटल खातों को सुरक्षित करें। सीईआईआर पोर्टल या संचारसाथी एप के माध्यम से आईएमईआई ब्लॉक कराना अनिवार्य है। संचारसाथी एप के जरिए न केवल आईएमईआई ब्लॉक किया जा सकता है, बल्कि संदिग्ध कॉल और संदेशों की शिकायत, अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी और मोबाइल की वास्तविकता की जांच भी की जा सकती है। यह एप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध है।

निष्कर्ष:
जनपद सम्भल पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया कि तकनीक और सतत निगरानी के साथ साइबर अपराध और मोबाइल चोरी के मामलों में पुलिस पूरी तरह सक्षम और तत्पर है। 509 मोबाइल फोन बरामद करने की सफलता न केवल पुलिस की दक्षता को दर्शाती है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी मजबूत करती है।




