बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ चंदौसी के स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण
फ्रंट किक फेस पंच और बेसिक डिफेंस सीखकर बालिकाएं बनीं आत्मनिर्भर

संभल। बेटियों को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जनपद सम्भल में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को चंदौसी क्षेत्र के तीन विद्यालयों की छात्राओं को आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे विपरीत परिस्थितियों में अपने बचाव के लिए स्वयं सक्षम बन सकें।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में 21 जनवरी 2026 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में चंदौसी स्थित सरोजिनी नायडू कंपोजिट स्कूल, नेहरू कंपोजिट स्कूल और विनोबा भावे जूनियर हाई स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों सुरेश कुमार, पूर्वी, शिवानी, संतराम और ब्रिजेश ने छात्राओं को आत्मरक्षा की मूलभूत एवं प्रभावी तकनीकों की जानकारी दी। बालिकाओं को फ्रंट किक, बेसिक किक और फेस पंच जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि छात्राएं पहले ही दिन से आत्मरक्षा सीखने में गहरी रुचि दिखा रही हैं और पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।

सरकारी योजनाओं से भी कराया जा रहा परिचय
इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जनपद के सभी जूनियर हाई स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के साथ-साथ बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, घरेलू हिंसा से संबंधित कानून, छात्रवृत्ति योजनाओं सहित महिला एवं बालिकाओं के हित में चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे अपने अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं से भली-भांति अवगत हो सकें।

सशक्त बेटियों की ओर मजबूत कदम
आत्मरक्षा प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। यह कार्यक्रम न केवल शारीरिक मजबूती, बल्कि मानसिक दृढ़ता विकसित करने में भी सहायक साबित हो रहा है, जिससे बेटियां हर परिस्थिति में डटकर मुकाबला कर सकें।



