गन्ना समिति की बाउंड्रीवाल में घटिया निर्माण का आरोप पदाधिकारियों ने पकड़ी खामियां
पीली ईंट रेत से भरा मसाला… निरीक्षण में उठे गंभीर सवाल डीएम से उच्चस्तरीय जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग

सम्भल। जनपद सम्भल में सहकारी गन्ना विकास समिति की भूमि पर बन रही बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य अब बड़े विवाद में घिर गया है। निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग के आरोप सामने आने के बाद समिति पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया। सोमवार को पदाधिकारियों ने अचानक मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्हें कई गंभीर अनियमितताएं दिखाई दीं निरीक्षण के बाद पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

निरीक्षण में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बाउंड्रीवाल निर्माण में गुणवत्ता मानकों का खुलकर उल्लंघन किया जा रहा था। आरोप है कि दीवार बनाने में पीली ईंटों का उपयोग किया जा रहा था, जबकि मसाले में अत्यधिक मात्रा में रेत मिलाई जा रही थी। पदाधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की सामग्री से तैयार की गई दीवार न तो मजबूत होगी और न ही लंबे समय तक टिक पाएगी। इससे भविष्य में दीवार के कमजोर पड़ने या गिरने की भी आशंका जताई जा रही है।

मौके से लिए गए सैंपल जांच के बाद होगा खुलासा
निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंट, रेत और सीमेंट के सैंपल भी मौके से एकत्र किए। इन सैंपलों को जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में किस स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।समिति पदाधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में निम्नस्तरीय सामग्री के प्रयोग की पुष्टि होती है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा।

सरकारी धन पर सवाल
गन्ना समिति किसानों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण संस्था है और यहां होने वाला निर्माण कार्य सरकारी धन से कराया जा रहा है। ऐसे में यदि निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री का प्रयोग किया जाता है तो यह सीधे तौर पर सरकारी संसाधनों की बर्बादी माना जाएगा।पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे प्रमुख पदाधिकारी
निरीक्षण के दौरान समिति के अध्यक्ष भूशंकर गुप्ता, उपाध्यक्ष हरिगोविंद सिंह, डायरेक्टर विशेषपाल सिंह, गन्ना डेलिगेट भारत सिंह, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक दयाराम सिंह और गन्ना समिति सचिव देवप्रकाश सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि निर्माण कार्य में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

डीएम से उच्चस्तरीय जांच की मांग
समिति पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में दोष सिद्ध होता है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य को दोबारा कराया जाए।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
गन्ना समिति की बाउंड्रीवाल निर्माण में घटिया सामग्री के आरोप सामने आने के बाद यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। किसानों और स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल एक निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।





