सम्भल में थानों के भीतर सजी ‘पुलिस पाठशाला’, छात्रों ने सीखी कानून और अनुशासन की बारीकियां
चन्दौसी और हयातनगर में एसपीईएल 3.0 कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण

सम्भल। चन्दौसी/हयातनगर जनपद सम्भल में शुक्रवार को थाना चन्दौसी एवं थाना हयातनगर परिसर में एसपीईएल 3.0 कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष शैक्षिक सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को पुलिस कार्यप्रणाली, कानून व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में क्रमबद्ध एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कानून के प्रति जागरूक करना, उनमें अनुशासन की भावना विकसित करना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अनुशासनात्मक गतिविधियों से की गई। विद्यार्थियों को परेड और कवायद के माध्यम से अनुशासन, समयपालन और टीमवर्क का महत्व समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संगठन की सफलता के लिए अनुशासन और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। दूसरे चरण में छात्रों को कानून और व्यवस्था की बुनियादी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि पुलिस किस प्रकार समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने का कार्य करती है। प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया, शिकायत निस्तारण की कार्यवाही और आम नागरिक की भूमिका के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
थाना और नियंत्रण कक्ष का भ्रमण
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को थाना परिसर और नियंत्रण कक्ष का भ्रमण कराया गया। उन्हें आपातकालीन सेवा की कार्यप्रणाली, कॉल प्राप्त होने के बाद की प्रक्रिया तथा पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस प्रकार पुलिस बल समन्वित तरीके से कार्य करता है। विद्यार्थियों को यातायात नियमों, संकेतों और सड़क सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक किया गया। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने के महत्व पर बल दिया गया।

साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए छात्रों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और सामाजिक माध्यमों के दुरुपयोग से बचाव के उपाय बताए गए। उन्हें व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी गई।

महिला सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम में छात्राओं को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों और सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। सामाजिक जागरूकता के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने विद्यालय और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएं तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। कार्यक्रम के अंतिम चरण में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक समस्याओं के समाधान पर विशेष बल दिया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि वे जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। जनपद सम्भल में आयोजित यह पहल पुलिस और युवाओं के बीच विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एसपीईएल 3.0 कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून व्यवस्था से जोड़ते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।





