संभल में हिंदू सम्मेलन का आयोजन जाति-पाति से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान

संभल। जनपद संभल में रविवार को हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति की ओर से लक्ष्मी देवी हरप्रसाद सरस्वती शिशु मंदिर, स्टेशन रोड दयानंद बस्ती में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बाबा बच्चा बर्फ़ानी महाराज एवं मुख्य वक्ता मीनाक्षी शेरावत द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए बाबा बच्चा बर्फ़ानी महाराज ने कहा कि हिंदू समाज को जाति-पाति और आपसी भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत होगा जब सभी एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे। बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को सनातन संस्कृति, संस्कार और धार्मिक शिक्षा से जोड़ें, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रह सके।

मुख्य वक्ता मीनाक्षी शेरावत ने अपने संबोधन में नारी शक्ति और संस्कारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज जैसा महान व्यक्तित्व तभी बन सकता है जब हर मां अपने बच्चों को जीजाबाई जैसे संस्कार दे। उन्होंने समाज में महिलाओं को कमजोर समझने की मानसिकता को बदलने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि चूड़ियां नारी की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी शक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मधुलिका सिंह ने की, जबकि पंकज सर्राफ विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दुर्गा टंडन ने किया। इस अवसर पर जिला बौद्धिक प्रमुख विजय मार्तण्ड ने जानकारी देते हुए बताया कि संभल जिले में अब तक 40 से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना और लोगों को सनातन संस्कृति से जोड़ना है।



