सम्भल में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत छात्राओं को दिया गया आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण

✦ जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलेभर के स्कूलों में चल रहा आत्मरक्षा अभियान
✦ चंदौसी के सरोजिनी नायडू जूनियर हाई स्कूल की छात्राओं ने सीखी आत्मरक्षा की तकनीकें
सम्भल। जिलाधिकारी महोदय के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में जनपद सम्भल में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिकाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 24 जनवरी 2026 को चंदौसी स्थित सरोजिनी नायडू जूनियर हाई स्कूल में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यह है कि बालिकाएं किसी भी आपात अथवा विपरीत परिस्थिति में साहस और आत्मविश्वास के साथ स्वयं की रक्षा कर सकें तथा समाज में बढ़ रही चुनौतियों का डटकर सामना कर सकें।

व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ा छात्राओं का आत्मविश्वास
आयोजित प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षक सुरेश कुमार एवं पूर्वी द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा की आधुनिक एवं व्यावहारिक तकनीकों का गहन अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण में छात्राओं को साइड किक, हाई किक, ब्लॉक्स और फेस किक जैसी तकनीकों की बारीक जानकारी दी गई और उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग करने के तरीके भी सिखाए गए। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं में खासा उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी चन्द्र भूषण ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जनपद के जूनियर हाई स्कूलों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में निरंतर आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्राओं को महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु संचालित सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है, जिनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शामिल हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि पात्र बालिकाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी हो और वे शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बन सकें। अधिकारियों ने छात्राओं से अपील की कि वे प्राप्त जानकारी को अपने परिवार और समाज में भी साझा करें। बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर चलाए जा रहे इस अभियान की शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।




