Welcome to AV LIVE TV   Click to listen highlighted text! Welcome to AV LIVE TV
राजनीति

किसानों की बदहाली पर फूटा गुस्सा

10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन आंदोलन की चेतावनी

अन्नदाता की बिगड़ती हालत को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर नजर आया।

संभल चंदौसी। देश के अन्नदाता की बिगड़ती हालत को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर नजर आया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में शुक्रवार को किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार चंदौसी को तहसील चंदौसी प्रांगण में सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए किसानों की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक परेशानियों को प्रमुखता से रखा गया। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। महंगी बिजली, डीजल और खाद के कारण किसान कर्ज के दलदल में फंसता जा रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि किसान न तो अपने बच्चों को अच्छे शिक्षण संस्थानों में पढ़ा पा रहा है और न ही परिवार का सही ढंग से भरण-पोषण कर पा रहा है।

खेती छोड़ने को मजबूर हो सकता है किसान

संयुक्त किसान मोर्चा ने चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आने वाले समय में किसान खेती-किसानी छोड़ने को मजबूर होगा। इसका सीधा असर देश की खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा और भविष्य में गंभीर खाद्यान्न संकट उत्पन्न हो सकता है।

ज्ञापन के माध्यम से रखी गईं ये प्रमुख मांगें

  • किसानों ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों के सभी कर्ज पूर्ण रूप से माफ किए जाएं।
  • स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किया जाए।
  • विद्युत विभाग द्वारा बढ़ाई गई बिजली दरों में तत्काल कटौती की जाए।
  • संभल जिले में बनिया ठेर से हिंदुस्तान प्लेस पार्क तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क में असालतपुर जारई के किसानों की भूमि को न्यायसंगत तरीके से शामिल किया जाए।
  • सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा सर्किल रेट बढ़ाकर दिया जाए।
  • किसान आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
  • 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी महिला व पुरुष किसानों को ₹10,000 मासिक पेंशन तथा आयुष्मान कार्ड दिया जाए।
  • चंदौसी से बदायूं तक रेल लाइन बिछाकर किसानों को सस्ता, सुरक्षित और दुर्घटनारहित आवागमन उपलब्ध कराया जाए।
  • फसल बुवाई के समय यूरिया और डीएपी खाद को कर मुक्त कर भारी सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाए।
  • खेती में उपयोग होने वाले डीजल से जीएसटी पूरी तरह समाप्त किया जाए।

आंदोलन का एलान

संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र अमल नहीं किया, तो भविष्य में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपते समय संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा के साथ राहुल कश्यप, मुकेश शर्मा, रामपाल सिंह, ओमवीर सिंह, अमर सिंह तोमर, मनोज कुमार, शानू शर्मा, रामेश्वर पाल, पप्पू तोमर, चीनू जैन, वीरेंद्र सिंह तोमर, भीकम जाटव, प्रमोद तोमर, रवि कुमार, देशपाल मौर्य, रामप्रसाद मौर्य, अजय कुमार सहित भारी संख्या में किसान और पदाधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!