बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मिली नई गति
डीएम ने हरी झंडी दिखाकर बाल विवाह मुक्ति रथ को किया रवाना, कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सम्भल। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत के सौ दिवसीय अभियान के तहत सोमवार को सम्भल जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा और इसे पूरी तरह रोकने का संदेश देगा। यह बाल विवाह मुक्ति रथ जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन की सहयोगी संस्था प्रयत्न तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी/जिला प्रोबेशन अधिकारी के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सौ दिनों तक जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि बाल विवाह को सामाजिक स्तर पर रोका जा सके।

बाल विवाह कानूनन अपराध : डीएम
मीडिया को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह एक गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह के आयोजन में शामिल पंडित, मौलवी, नाई, हलवाई, बैंड पार्टी, टेंट व्यवसायी या कोई भी सहयोगी दोषी पाए जाने पर 2 वर्ष तक की कैद अथवा 1 लाख रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस 112, 181 या जस्ट राइट्स हेल्पलाइन 18001027222 पर सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों ने ली बाल विवाह न होने की शपथ
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई, अपर पुलिस अधीक्षक अनुकृति शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण, जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार सहित सभी अधिकारियों ने बाल विवाह न होने संबंधी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन, मिशन वात्सल्य, वन स्टॉप सेंटर, एएचटी यूनिट, प्रयत्न संस्था के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार बंधु एवं आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह अभियान सम्भल जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और प्रभावी पहल माना जा रहा है, जो बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

ब्यूरो रिपोर्ट : कपिल वार्ष्णेय
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